सद्साहित्य का प्रकाषन एवं निःषुल्क वितरण हेतु श्री नन्दकिशोर शारदा ज्ञान गंगा मिषन की स्थापना 16 अप्रैल, 2003 को सुश्री बसन्ती मनिहार एवं सुश्री मधुबाला द्वारा की गई। इसका मुख्य उद्देष्य है, भैया श्री नन्दकिशोर शारदा से संबंधित जो अमूल्य ज्ञान, चिंतन, दस्तावेज (जैसे व्यक्तिगत डायरी) लोगों के विचार आदि को प्रकाषित कर उसका प्रचार-प्रसार करना ताकि वर्तमान युग के लोगों में एवं भावी पीढ़ी का सही मार्ग प्रषस्त हो सके। देष-विदेष में उनके ज्ञान का प्रचार प्रसार कैसे हो इस पर विचार-विमर्ष हो जिससे एक नये युग का सूत्रपात होगा। भैया का ज्ञान भविष्य का मार्गदर्षन करेगा क्योंकि वह आज के युग के अनुसार समकालीन है। उनका ज्ञान, साधना पद्धति आज के भौतिकवादी वैज्ञानिक युग में व्यवहारिक है। इस ट्रस्ट के माध्यम से अन्य व्यक्तियों द्वारा लिखित महापुरुषों की समाजोपयोगी धार्मिक पुस्तकों के प्रकाषन का भी प्रावधान है। इन साहित्यों के हजारों लोग लाभार्थि बन चुके हैं।