लगभग 300 प्रबुद्ध व्यक्तियों ने स्वेच्छा से अपने संस्मरण लिखकर श्री शारदा के बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धा, प्रेम एवं आत्मीयता को उजागर किया है। इस ग्रन्थ को पढ़कर प्रेरणा ले सकते हैं।
By: संपादक: डॉ. रामप्रसाद दाधीच & सह-संपादक: कुमारी मधुबाला आडवानी