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व्यक्तित्व विकास

आर्थिक अभावों से ग्रस्त, उद्देश्यहीन जीवन बिताती हुई बालिकाओं में शिक्षा की अलख भैया श्री नन्दकिशोरशारदा ने जाग्रत की। यह एक सत्य है कि भारत की शिक्षा पद्धति अपने आप में अपूर्ण, नीरस एवं लक्ष्यहीन है पर जीविका कमाने के लिये आवश्यक है। ऐसी बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास का बीड़ा श्री शारदा जी ने उठाया व अब माँ बसन्तीजी व मणिद्वीप के अन्य सदस्य आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने माँ बसती मनिहार, मधु माँ और ट्रस्ट के अन्य सदस्यों के साथ ऐसी लड़कियों के समग्र विकास की जिम्मेदारी ली। वर्तमान में मधु माँ एवं अन्य सदस्य इसे आगे बढ़ा रहे हैं।

सभी वर्ग के विद्यार्थियों के लाभार्थ संस्कार, व्यक्तित्व विकास एवं आध्यात्मिक उत्थान हेतु प्रतिवर्ष जुलाई से जनवरी तक प्रत्येक रविवार को प्रातः 10:30 से 12:30 बजे तक मणिद्वीप मे ज्ञान कक्षाओं का आयोजन किया जाता है, जिनमें उन्हें शिक्षा एवं मनुष्य जीवन का महत्व व उद्देश्य, ईश्वर का महत्व, समाज, परिवार में सामजस्य स्थापित करने की कला आदि अनेकों छोटी-बड़ी जीवनोपयोगी बातों का ज्ञान दिया जाता है। इसके साथ ही उनमें नैतिकता के उच्चभावों को रोपित किया जाता है। इन कक्षाओं में हर वर्ष सैकड़ों छात्र-छात्राएं सक्रिय भाग लेकर अपने सफल जीवन का निर्माण कर रहें हैं व परीक्षा में अच्छे नम्बर लाकर अपना भविष्य भी उज्ज्वल कर रहे हैं।