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माँ शारदा मणि ट्रस्ट

सन 2001 में इस ट्रस्ट की स्थापना श्री नन्दकिशोर शारदा द्वारा की गई ताकि छात्रायें उच्च शिक्षा के लिए भी छात्रवृत्ति प्राप्त कर सके एवं उन्हें अध्ययन हेतु पाठ्य पुस्तकों की सुविधा भी प्राप्त हो सके। अब तक माँ शारदामणि ट्रस्ट द्वारा 1 करोड़ से अधिक धनराशि छात्रवृत्ति के रूप में छात्राओं को प्रदान की जा चुकी है व पाठ्य पुस्तकें भी निषुल्क दी जा रही है जिससे वे अच्छी तरह से पढ़ाई कर सकें।
अब तक इस ट्रस्ट द्वारा 2604 छात्राएं लाभांवित हो चुकी हैं।

ट्रस्ट की मुख्य विशेषताएं:

  • चयन प्रक्रिया - जरूरतमंद छात्राओं का चयन कक्षा अध्यापिका एवं प्रधानाचार्य द्वारा जाति एवं धर्म के भेदभाव के बिना किया जाता है। छात्रवृत्ति की राशि चैक द्वारा प्रधानाचार्य को प्रदान कर दी जाती है एवं छात्रवृत्ति वितरण गणमान्य सदस्यों की उपस्थिति में किया जाता है। छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति विद्यालय एवं महाविद्यालय शुल्क के आधार पर एवं उनकी जरूरत व आर्थिक स्थिति के अनुसार प्रदान की जाती है ना कि प्राप्त अंकों के आधार पर श्री नन्दकिषोर जी शारदा स्वयं स्कूलों में जाकर प्रधानाचार्य से मिलते थे ताकि उनका समय व्यर्थ ना जाए इसलिए ट्रस्ट के कार्यालय में नहीं बुलाते थे।
  • प्रशासनिक व्यय - ट्रस्ट में होने वाले अन्य सभी खर्चे (छात्रवृत्ति के अलावा) जैसे डाक, स्टेशनरी, पेट्रोल, किराया, टेलीफोन बिजली बिल, परिवहन, अल्पहार इत्यादिट्रस्ट के सदस्यों द्वारा व्यक्तिगत रूप से वहन किये जाते हैं। इससे ट्रस्ट में वही लोग जुड़ते हैं जो सेवाभावी हैं ।
  • स्थायी कोष – इस ट्रस्ट को मिलने वाला आर्थिक सहयोग बैंकों में सुरक्षिज जमा करवा दिया जाता है एवं उससे प्राप्त ब्याज की सम्पूर्ण आय छात्रवृत्ति के रूप में, विद्यार्थियों में विद्यार्जन हेतु प्रदान की जाती है।
  • आयकर में छूट - ट्रस्ट में दिये गये आर्थिक सहयोग को आयकर की धारा 80 जी के अन्तर्गत छूट प्राप्त है।

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धर्मार्थ प्रयास

कुल छात्रवृत्ति वितरित

101 Lac

कुल छात्रा लाभार्थी

2604 Lac