वितीय सहायता के साथ साथ भैया श्री नन्दकिशोरशारदा ने महसूस किया कि जब तक आधार भूत सुविधाएं नहीं दी जायेंगी तब तक शिक्षा के लिये यह प्रयास अधूरा रहेगा। अतः विद्यालयों की मूलभूत समस्याओं का निराकरण करने हेतु श्री नन्दकिशोर शारदा ने विद्यालयों में फर्नीचर, कक्षा-कक्ष, स्वागत कक्ष, शौचालय, प्याऊ एवं चार दीवारी का निर्माण करवा कर उस उपेक्षित अभावग्रस्त एवं अवहेलना से परिपूर्ण वातावरण से बालिकाओं को निजात दिलाई।